मोटापा आजकल की एक बहुत बड़ी समस्या बन गई है। यह डायबिटीज, थायराइड और पीएसीओडी समेत कई गंभीर बीमारियों का भी कारण (Diseases Due to Obesity) बनता है। खराब लाइफस्टाइल और खान-पान की वजह से अधिकतर लोग मोटापे की समस्या (Fat Problem) का सामना कर रहे हैं। वेट लॉस करने, फिट रहने के लिए लोग कई तरह के उपाय अपनाते हैं, लेकिन ये कई बार तरीके कारगर साबित नहीं हो पाते हैं। ऐसे में वे हताश होकर मेहनत करना बंद कर देते हैं। हम आपको एक मां की वेट लॉस जर्नी (Weight Loss Journey) के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने अपना 35 किलो वजन कम किया है. इन्होंने वजन कम कैसे किया? वर्कआउट प्लान क्या था? किस तरह का आहार लिए? इस बारे में प्रस्तुत लेख में जानेंगे.
बढ़ते हुए वजन को कम करना और कम होने के बाद उसे कंट्रोल में रखना काफी जरूरी होता है. जो लोग तेजी से वजन कम करते हैं उनकी अपेक्षा जो लोग धीरे-धीरे वजन कम करते हैं, उनका वजन लंबे समय तक स्थिर बना रहता है. एक्सपर्ट का मानना है कि हर हफ्ते 1 से 2 पाउंड (0.5 से 1 किलो) वजन कम होना हेल्दी वेट लॉस कहलाता है. आज हम आपको एक ऐसी मां की वेट लॉस जर्नी के बारे में बता रहे हैं, जिनका प्रेग्नेंसी के बाद वजन बढ़ गया था और अब उन्होंने करीब ढ़ाई साल में अपना 35 किलो वजन घटाया है. हालांकि उन्हें वेट लॉस में काफी अधिक समय लगा लेकिन उन्होंने अपने वजन को सालों से यूं ही मेंटेन करके रखा हुआ है. तो आइए जानते हैं ये महिला कौन हैं और उन्होंने किन तरीकों से अपना वेट लॉस किया.
नाम : सुप्रीत कौर (Supreet Kaur)
प्रोफेशन : न्यूट्रिशन एंड फिटनेस कंसल्टेंट
शहर : कोलकाता
हाइट : 160 सेमी
अधिकतम वजन : 92 किलो
वर्तमान वजन : 57 किलो
कुल वेट लॉस : 35 किलो
फ्यूचर प्लान : स्ट्रेंथ गेन करना
jaanoandseekho.in से बात करते हुए सुप्रीत कौर कहती हैं. “मैं पंजाब की रहने वाली हूं और आप सभी जानते ही होंगे कि हम पंजाबियों की ईटिंग हैबिट कैसी होती है. हम लोग कैलोरी देखकर नहीं खाते थे. मुझे खाने का काफी शौक था इसलिए मेरा जो खाने का मन करता था मैं वो खाती थी. शादी के पहले जब मैं इतना अधिक खाती थी तब भी मेरा वजन 60 किलो के अंदर ही रहता था लेकिन जब शादी के बाद मैं प्रेग्नेंट हुई तब से मेरा वजन बढ़ना शुरू हुआ. बच्चे को सेहतमंद रखने के लिए पंजीरी, घी, ड्राई फ्रूट्स और पता नहीं क्या-क्या खाने दिया जाने लगा. बस यही से मेरा धीरे-धीरे वजन बढ़ना शुरू हुआ और मैं लगभग 92 किलो तक पहुंच गई”.
सुप्रीत ने आगे बताया, “सिजेरियन के बाद जब बच्चा हुआ तब तक मेरा वजन इतना अधिक हो चुका था कि मैं अपने आपको पहचान नहीं पा रही थी. मुझे धीरे-धीरे समझ आने लगा था कि मुझे अपना वजन कम करने की जरूरत है नहीं तो आगे काफी समस्याएं होंगी. लेकिन बच्चे को फीडिंग कराने के कारण मैं अपने खाने को कम नहीं कर सकती थी.
प्रेग्नेंसी के बाद महिला का 10-12 किलो वजन बढ़ना कॉमन है लेकिन मैंने अपना 25-30 किलो वजन बढ़ा लिया था. बच्चा जैसे-जैसे बढ़ा हुआ मैंने अपना वजन कम करने की सोची और इंटरनेट पर रनिंग और वेट लॉस के बारे में पढ़ा. ऐसा करके मैंने अपना 6-7 किलो वजन कम तो कर लिया. इसके बाद मैंने फेसबुक पर एक फिटनेस ग्रुप ज्वाइन किया और बाद मैंने फिटनेस का बेसिक सर्टिफिकेशन किया. सर्टिफिकेशन के बाद मैंने वेट लॉस की बारीकियों को जाना और फिर करीब ढ़ाई साल में मैंने अपना 35 किलो वजन कम कर लिया. आज मेरा वजन करीब 57 किलो है.”
सुप्रीत ने बताया, “वजन कम करने के लिए मैंने स्ट्रिक्ट डाइटिंग नहीं की थी, बस अपने शरीर की जरूरत के मुताबिक खाया था. मैं मेंटनेंस कैलोरी से 200-300 कैलोरी कम लेती थी और जैसे-जैसे मेरा वजन कम होता गया, मैं कैलोरी कम करती जाती थी. इसके बाद मैंने कैलोरी कम करने की अपेक्षा अपनी फिजिकल एक्टिविटी बढ़ा ली. मेरी डाइट में घर का खाना ही शामिल होता था. मैं वेट लॉस जर्नी के समय डाइट में अंडे, पनीर, स्प्राउट्स, दाल, रोटी, सब्जी लेती थी और अभी भी मसल्स गेन के समय वही खाती हूं. पहले की अपेक्षा मेरे शरीर में मसल्स मास काफी अधिक बढ़ चुका है इसलिए मैं अभी 2500-2600 कैलोरी लेती हूं.”
सुप्रीत आगे बताती हैं, वे नाश्ते में ब्रेड-ऑमलेट लेती थीं. दोपहर के लंच में दाल, रोटी, राइस सोया चंक होते थे. स्नैक्स में चाय, रोस्टेड चना और फ्रूट्स होते थे. इसके अलावा रात के डिनर में दाल, चावल और चिकन होता था.
सुप्रीत ने बताया, “वजन कम करने के लिए मैंने सबसे पहले रनिंग से शुरुआत की थी. इसके बाद जब मैंने सर्टिफिकेशन किया तो मैंने घर पर ही होम वर्कआउट करना शुरू किया. होम वर्कआउट में पहले तो मैं बॉडी वेट एक्सरसाइज करती थी लेकिन जब मुझे लगा कि मैं कुछ वजन भी उठा सकती हूं तो मैंने 2.5 किलो के डंबल मंगाए और उनसे एक्सरसाइज करना शुरू की. घर एक्सरसाइज करने के बाद धीरे-धीरे मेरी स्ट्रेंथ बढ़ने लगी तो मैंने जिम ज्वाइन किया और पुश-पुल-लेग एक्सरसाइज फॉर्मेट को फॉलो किया. मैं हफ्ते में छ: दिन एक्सरसाइज करती थी और पैदल चलने पर भी खास ख्यान देती थीं. वे कोशिश करती थीं कि दिन में कम से कम 10 हजार स्टेप्स चल लें. इतने स्टेप्स चलने से मतलब ये था कि वे दिनभर एक्टिव बनी रहें.”
सुप्रीत के मुताबिक, वजन कम करने के लिए स्ट्रिक्ट डाइट की जरूरत नहीं होती. बस शरीर की जरूरत यानी मेंटनेंस कैलोरी से 200-300 कैलोरी कम खाने की जरूरत होती है, जिसे कैलोरी डेफिसिट कहा जाता है. इस बात का भी ध्यान रखें कि डाइट के साथ इस बात का भी ध्यान रखें कि बॉडी फिजिकली रूप से एक्टिव रहे. फिजिकल एक्टिव रहेंगे तो कैलोरी बर्न करने में मदद मिलेगी. इसके साथ ही चाहें तो जिम में जाकर एक्सरसाइज भी कर सकते हैं. स्ट्रेस कम लें, पैशेंस रखें, पर्याप्त नींद लें, सही न्यूट्रिशन लें, बस इन तरीकों से कोई भी आसानी से वजन कम कर सकता है.
Author:
Supreet Kaur | Weightloss / Fatloss Coach
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