दीपावली की सफाई :नवरात्र बीतने के बाद लोग दीपावली का इंतजार करने लगते हैं और रौशनी के इस त्योहार को और खास कैसे बनाया जाए, इस बारे में प्लानिंग करने लगते हैं। दीपावली की तैयारियों में सबसे पहले नंबर आता है सफाई का। आज हम आपको बताने जा रहे हैं दीपावली की सफाई से जुड़ी कुछ ऐसी मान्यताओं के बारे में। कहते हैं कि दीपावली से पहले सफाई में अगर आपको कुछ खास चीजें मिलें तो माना जाता है कि इस बार आपकी दीपावली बहुत खास होने वाली है और आप पर मां लक्ष्मी की भी विशेष कृपा होगी। आइए हालांकि इन बातों का धर्म और विज्ञान से कोई सरोकार नहीं है, लेकिन फिर भी आम लोग इन बातों को मानते हैं।
दिवाली पर घर को साफ-सुथरा और सबसे सुंदर बनाना हमारी परंपरा का हिस्सा है। इसके पीछे मान्यता है कि साफ और सुंदर जगह पर ही लक्ष्मी का वास होता है। अगर आप भी लक्ष्मी की कृपा पाना चाहती हैं तो अभी से ही घर की साफ-सफाई में लग जाइए, ताकि दिवाली के एक-दो दिन पहले आपको काम के बोझ तले दबना ना पड़े। आपकी सूझबूझ भरी मेहनत से घर तो चमकेगा ही, त्योहार का पूरा मजा भी आप ले पाएंगी।
हर कोने की सफाई
दिवाली के मौके को घर को कीटाणुमुक्त करने के मौके में तब्दील कर दीजिए। घर के एक-एक कोने की सफाई कीजिए। गैर-जरूरी चीजों को घर से बाहर का रास्ता दिखाइए। कालीन वगैरह को उस पर लिखी हिदायतों के मुताबिक ही साफ कीजिए। इसी तरह पंखे और लाइट्स पर धूल की जमी मोटी परत को हटाइए। वो जाले जो कई दिनों से आपकी आंखों में खटक रहे थे, उन्हें भी साफ कीजिए। दरवाजों पर जमी धूल की परत को अब अलविदा कह दीजिए। अब सवाल यह है कि इतने कम समय में इतनी सारी सफाई कैसे की जाए? तो एक दिन में सारा काम आप नहीं कर पाएंगी, सबसे पहले इस सच्चाई को स्वीकार कर लीजिए। घर के एक कोने की सफाई एक दिन में कीजिए। इससे आप अच्छे तरीके से सफाई भी कर पाएंगी और थकान भी बहुत ज्यादा नहीं होगी।
घर पर बनाएं क्लींजर
जरूरी नहीं है कि घर की साफ-सफाई के लिए आप हर बार बाजार से महंगे क्लींजर ही खरीद कर लाएं। आप घर पर भी आसानी से क्लींजर तैयार कर सकती हैं, जो बाजार के क्लींजर जैसे ही कारगर हो सकते हैं। इसके लिए आपको सिरके की खास जरूरत पड़ेगी। सिरके में डिशवॉश या साबुन का पानी मिला लें। इससे आपके टाइल्स, फर्नीचर, फ्रिज आदि साफ हो जाएंगे। पंखे, फर्श में कड़ी सफाई के लिए आप डिटर्जेंट और गर्म पानी का इस्तेमाल कर सकती हैं। शीशे, कांच का सामान या अन्य उपकरणों को चमकाने के लिए उस पर फैब्रिक सॉफ्टनर को उसकी मात्रा से चार गुना पानी मिलाकर स्प्रे करें, फिर साफ कपड़े से पोंछ लें। ये चमक उठेंगे।
दौड़ती-भागती जिंदगी में आम दिनों की सफाई ही बड़ा काम है। ऐसे में दीपावली की सफाई के कहने ही क्या! पर, थोड़ी समझदारी से दीपावली की सफाई को भी आसानी से किया जा सकता है। कैसे? बता रही हैं सुष्मिता
दीपावली यानी चमक-दमक। लेकिन इस चमक-दमक के पीछे छिपी होती है, कड़ी मेहनत। मां लक्ष्मी के स्वागत में दिवाली आने से पहले से ही तैयारियां जोरों-शोरों पर होती हैं। हालांकि कुछ लोगों के लिए यह काम मुश्किल भरा भी लगता है। लेकिन आपको काम का सही तरीका पता हो, तो काम करना और हिम्मत जुटाना दोनों ही आसान बन सकता है। अब समय कम है, तो ऐसे में दीपावली की सफाई के लिए बेहतर प्लानिंग की जरूरत पड़ेगी। सही तरीके और प्लानिंग के साथ आप इस भारी काम को हंसते-खेलते पूरा कर सकती हैं।
समय तय करें
माना कि दिवाली की सफाई आसान नहीं होती, लेकिन सही प्रबंधन इस काम में आपकी मदद करेगा। दिवाली की सफाई के लिए आपको खास समय और लक्ष्य तय करने की जरूरत है। समय के प्रबंधन के लिए आप घर के अन्य कामों में कुछ कटौती कर सकती हैं, यानी घर के जरूरी कामों की प्राथमिकता तय करने के साथ उसे तय समय में पूरा करें।
इसमें सफाई के लिए ज्यादा समय निकालें। कोशिश करें कि प्रबंधन इस प्रकार हो कि सफाई और सजावट त्योहार से दो दिन पहले पूरा हो जाए। सफाई के लिए तय किए समय में बड़े काम पहले पूरे करें, जैसे कि अलमारियां, किचन, पंखे आदि की सफाई। आप दिन की शुरुआत में भी सफाई का काम पूरा कर सकती हैं। दिन के पहले पहर में कुछ काम पूरा करते हुए बाकी बचे समय में अन्य बड़े कामों को पूरा किया जा सकता है। अगर बाजार से कुछ सामान लाना है, तो उसके लिए दिन का समय तय करें, ताकि रोज बाजार जाने में समय ना लगे
प्राथमिकता तय करें
घर की झटपट सफाई के लिए आपको अलग-अलग कमरों के हिसाब से अलग तरीके अपनाने होंगे और साथ ही प्राथमिकता भी तय करनी होगी कि किस कमरे को कब कैसे साफ करें। शुरुआत आपको अपने लिविंग रूम या उस कमरे से करनी होगी, जहां सबसे ज्यादा बैठक होती है। इसका फायदा यह होगा कि मेहमानों के आने से पहले कमरा चकाचक हो जाएगा। इसके बाद आप अंदर की सफाई शुरू कर सकती हैं।
बच्चों को करें प्रोत्साहित
आपको याद होगा, जब आप बच्ची थीं, तब दिवाली की सफाई में कितना बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती थीं। ऐसे में सफाई उत्साह के साथ होती थी और त्योहार में मजा भी आता था। लेकिन समय बदलने के साथ प्राथमिकताएं बदल गई हैं। अभिभावक बच्चों को अब इन सभी कामों से दूर रखते हुए सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान देने की बात करते हैं। बात पूरी तरह से गलत नहीं है। पर, हर काम का अपना महत्व है।
हमारा परिवेश, त्योहार और त्योहारों में भागीदारी, घरेलू काम, ये सभी बातें जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। आप अपने बच्चों को सफाई के लिए प्रोत्साहित करके उन्हें स्वच्छता का पाठ पढ़ा सकती हैं। साथ ही आपके लिए ये खास मदद साबित हो सकती है। बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से छोटे-छोटे लक्ष्य दें, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। जैसे, आप उनसे उनके कमरे, स्टडी टेबल, अलमारी आदि की सफाई करवा सकती हैं।
बड़े-बुजुर्ग भी आएंगे काम
जब बात सेहत की हो, तो हम नहीं चाहते हैं कि कोई भी काम घर के बुजुर्गों की सेहत पर भारी पड़े। लेकिन घरेलू कामों और सफाई के दौरान ऐसे कई छोटे-छोटे काम होते हैं, जिन्हें वक्त देकर हम सिर्फ अपना वक्त जाया करते हैं। ये ऐसे काम होते हैं, जिन्हें एक जगह बैठकर आसानी से किया जा सकता है। अगर संभव हो, तो इन कामों को बुजुर्गों से करवाएं, जिससे उन्हें भी त्योहार में उनकी भागीदारी का अहसास हो सके और आपका काम हल्का भी हो जाए। इन कामों में उपकरणों की सफाई, भगवान की मूर्तियों को चमकाना, बोतलों की सफाई आदि शामिल हो सकते हैं।
बाहरी मदद लेने में हिचक कैसी
हो सकता है कि आपको घर के कामों में बाहरी मदद लेना पसंद न हो, लेकिन कुछ दिनों के लिए ऐसा करने में बुराई भी नहीं है। हर काम की जिम्मेदारी भी अपने ऊपर नहीं ली जा सकती। इसलिए संभव हो तो आप दो-चार दिनों के लिए मजदूर लगाकर घर की बड़ी सफाई, जैसे बाहरी दीवारें साफ करना, फर्श की सफाई, पंखे, छत आदि जैसी बड़ी सफाई करवा सकती हैं।
रसोई: किचन में ज्यादातर सामान को आप डिश वॉश से साफ कर सकती हैं। अगर बर्तन वाली आती है, तो ये काम आप उससे करवा सकती हैं। या फिर एक साथ ऐसे सभी सामान को एक तरफ करके सबसे पहले उन्हें साफ कर लें। इसके बाद किचन व्यवस्थित करने का काम करें। जो सामान काम का नहीं है, उसे बेवजह न रखें। इससे जगह खाली होगी और आपका किचन व्यवस्थित रहेगा। सफाई के बाद आप किचन में मनी प्लांट या कुछ इंडोर पौधे लगा सकती हैं। किचन में लाइट में बदलाव करके भी आप उसे नया लुक दे सकती हैं।
बेडरूम: यहां सबसे पहले अलमारी साफ करें। फिर फर्नीचर बाहर निकालकर डस्टिंग करें और कांच की खिड़की व दरवाजे साफ कर लें। फर्नीचर वापस लगाने के दौरान उसकी सेटिंग में कुछ बदलाव करें। अंत में पर्दे, बेडशीट व कुशन कवर बदलें।
बाथरूम: सबसे पहले सभी हटाने वाली चीजों को बाथरूम से बाहर निकालें। इसके बाद टाइल्स की सफाई करें। इसके लिए आप बाथरूम क्लींजर का इस्तेमाल कर सकती हैं। नल को नीबू या सिरके की मदद से साफ करें।
फर्नीचर को यूं करें साफ: आप फर्नीचर को घर पर ही पॉलिश कर सकती हैं। फॉरेस्ट रिसर्च संस्थान देहरादून के टेक्निकल ऑफिसर शिखर शुक्ला कहते हैं फर्नीचर को हल्के गीले सूती कपड़े से साफ करें। जब फर्नीचर सूख जाए तो नीम के तेल में सूती कपड़े को डुबोकर उससे फर्नीचर की पॉलिश करें। आप सिरके व ऑलिव ऑयल से भी पॉलिश तैयार कर सकती हैं। एक हिस्सा सिरका और तीन-चौथाई हिस्सा ऑलिव ऑयल का मिला लें और सूती कपड़े की मदद से पॉलिश करें।
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